तेरी यादें ही बस मेरे पास अब तो,
तुम भी होती तो क्या बात होती!
तेरे घर की गलियों के चक्कर लगाना,
मुझे देखकर तेरा मुस्कुराना,
अब भी है दिल में वो हलचल सी मेरे,
वो दिन लौट आते तो क्या बात होती!!!
तेरा रूठ के मुझसे वो लड़ना झगड़ना,
वो लोगो की नज़रो से छुप छुप के मिलना,
बहुत याद आती है वो सारी बातें,
तुम भी आ जाती तो क्या बात होती!!!
तुम भी होती तो क्या बात होती!
तेरे घर की गलियों के चक्कर लगाना,
मुझे देखकर तेरा मुस्कुराना,
अब भी है दिल में वो हलचल सी मेरे,
वो दिन लौट आते तो क्या बात होती!!!
तेरा रूठ के मुझसे वो लड़ना झगड़ना,
वो लोगो की नज़रो से छुप छुप के मिलना,
बहुत याद आती है वो सारी बातें,
तुम भी आ जाती तो क्या बात होती!!!
Ram Arya
@aryaraju
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