Friday, August 31, 2018

दुष्यन्त कुमार

रहनुमाओं की अदाओं पे फ़िदा है दुनिया ,
इस बहकती हुई दुनिया को संभालो यारो |

कैसे आकाश में सुराख नहीं हो सकता ,
एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारो |

लोग कहते थे कि ये बात नहीं कहने की
तुमने कह दी है तो कहने की सज़ा लो यारो

-दुष्यन्त कुमार 💐

No comments:

Post a Comment